कहानी अभी बाकी है
यह सिर्फ एक कहानी नहीं… एक एहसास है।
कुछ सपने हम पूरे नहीं कर पाते।
कुछ रिश्तों और जिम्मेदारियों के बीच खुद को कहीं पीछे छोड़ देते हैं।
और कभी-कभी ज़िंदगी इतनी व्यस्त हो जाती है कि हम भूल जाते हैं—हम वास्तव में क्या चाहते थे।
यह उन सभी लोगों की कहानी है, जिन्होंने कभी अपने किसी सपने को “फिर कभी” कहकर टाल दिया।
उन लोगों की, जिन्होंने किसी अपने को आगे बढ़ते देखा और मन ही मन चाहा कि काश, वह फिर से अपने लिए भी कुछ करे।
और उन रिश्तों की, जहाँ प्यार का अर्थ सिर्फ साथ चलना नहीं, बल्कि एक-दूसरे को अपने सपनों तक पहुँचने का साहस देना भी है।
यह किताब आपको याद दिलाती है कि ज़िंदगी में कोई भी मोड़ आख़िरी नहीं होता।
कभी-कभी एक छोटी-सी हिम्मत, एक सही इंसान की कही हुई बात, या अपने भीतर की आवाज़ को सुन लेने भर से कहानी फिर से शुरू हो सकती है।
अगर आपके जीवन में कोई ऐसी स्त्री है जो हमेशा दूसरों के सपनों के लिए खड़ी रही है—माँ, बहन, पत्नी, बेटी, दोस्त या साथी—तो शायद यह किताब उसके लिए है।
और अगर आप स्वयं कभी अपने सपनों को पीछे छोड़ आए हैं, तो शायद यह किताब आपके लिए भी है।
क्योंकि कुछ कहानियाँ खत्म नहीं होतीं…
वे बस एक नए अध्याय का इंतज़ार करती हैं।
उसके लिए, जिसने हमेशा सबके सपनों को उड़ान दी… अब उसकी बारी है।